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Health Tips मुलेठी से लेकर हल्दी तक, अस्थमा से बचा सकते हैं ये 5 मसाले
 

आज हर साल मनाया जाने वाला विश्व अस्थमा दिवस 2022 मनाया जा रहा है। अस्थमा एक सांस की बीमारी है और यह दुनिया की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है। ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं जो अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं और उन लोगों को इसका रोजाना सेवन करना चाहिए।

मुलेठी- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, दमा की बीमारी में मुलेठी बहुत फायदेमंद होती है। जिसके लिए आप पानी में आधा चम्मच अदरक और एक चम्मच मुलेठी को मिलाकर चाय बना लें। इसकी रोजाना चाय पीने से अस्थमा के लक्षणों को कम किया जा सकता है। दरअसल मुलेठी हमारे श्वसन तंत्र को साफ रखती है और इसके सेवन से अस्थमा के लक्षण कम होते हैं।

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दालचीनी- अस्थमा के मरीजों के लिए भी दालचीनी रामबाण है। इसका इस्तेमाल करने के लिए एक कप पानी में एक चौथाई दालचीनी की स्टिक मिलाकर इस पानी को 10 मिनट तक उबालें। इसे अब गुनगुना होने दें, फिर इसमें शहद मिलाकर इसका सेवन करें। ध्यान रहे कि सामान्य अस्थमा के मरीज इस पानी को दिन में एक बार और गंभीर मरीज दिन में दो से तीन बार पी सकते हैं।

हल्दी - हल्दी में एंटीबैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो अस्थमा से लड़ने में मदद करते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप रोजाना हल्दी वाला दूध या कच्ची हल्दी का जूस पी सकते हैं। यदि आप बेहतरीन परिणाम पाना चाहते हैं तो इसे दिन में दो बार जरूर पिएं।

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वासाका- यह एक भारतीय जड़ी बूटी है, जिसे मालाबार नट या अडुसा के नाम से भी जाना जाता है। जिसके सेवन से श्वसन तंत्र की सूजन से राहत मिलती है और यह वाहिनी के मार्ग को खोलता है। जिसके  सेवन से सीने में दर्द, सांस की तकलीफ से राहत मिलती है। जी हां और यह बलगम, खांसी में भी सहायक है।

अजवाइन- अजवाइन विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होती है, साथ ही यह अस्थमा के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद होती है। जिसके इस्तेमाल के लिए अजवायन की ताजी पत्तियों को ऐसे ही चबाकर या फिर अजवायन की चाय बनाकर रोजाना इसका सेवन करने से फेफड़े साफ हो जाते हैं। जिसके साथ ही यह अस्थमा, साइनसाइटिस और खांसी को कम करने में मदद करता है।