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utility News मुगलों और अंग्रेजों की लूट के बाद भी भारत के पास इतना सोना था जितना अमेरिका-चीन जैसे 8 देशों के बैंकों के पास भी नहीं
 

एक समय था जब भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। 1739 में फारस के शासक नादिर शाह ने दिल्ली पर आक्रमण किया और यहां से इतना सोना लूटा कि तीन साल तक किसी को कर नहीं देना पड़ा। मुगल शासक शाहजहां ने अपने लिए एक सिंहासन भी तैयार किया। कहा जाता है कि यह पूरा सिंहासन शुद्ध सोने से बना था। 'तख्त-ए-तौस' कहा जाता था। इस सिंहासन के साथ-साथ ब्रिटेन ने भारत से बहुत सारा सोना भी छीन लिया।

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भारत में सोने का उत्पादन बहुत कम है, मगर चीन के बाद यहां सोने की सबसे ज्यादा मांग है। खबरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि, भारत में सोने की मांग 797.3 टन थी। 2020 में यह 446.4 टन था। यानी 2021 में भारत में रोजाना हजारों करोड़ रुपए के सोने की मांग थी। भारतीय महिलाओं के पास 22,500 टन सोना है। इसकी कीमत करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 107 लाख करोड़ रुपये है। यह भारत के सकल घरेलू उत्पाद का 45% है। 2021-22 में भारत की जीडीपी 232.15 लाख करोड़ रुपये थी।

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अभी भारतीय महिलाओं के पास उतना सोना नहीं है, जितना कि अमेरिका, जर्मनी और चीन समेत आठ देशों के सेंट्रल बैंक के पास है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के पास सबसे ज्यादा सोने का भंडार है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के पास 8,133.47 टन सोने का भंडार है। दूसरे स्थान पर जर्मनी है, जिसके पास 3,358.50 टन सोना है। रूस के पास 2,301.64 टन सोना है और चीन के पास 1,948.31 टन सोना है। वहीं, भारत में आरबीआई के पास 760.40 टन सोने का भंडार है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में सोने की मांग वापस बढ़ने लगी है। पिछले कुछ सालों से भारत में सोने की मांग में लगातार गिरावट आ रही है।

कोरोना काल में 2020 में सोने की मांग सबसे कम थी। उस साल 446 टन सोना खरीदा गया था। 2021 में इसमें फिर तेजी देखने को मिली और इस साल 797 टन से ज्यादा सोना खरीदा गया। सोने का उत्पादन भारत में बहुत कम है। 2020 में भारत में सिर्फ 1.6 टन सोने का उत्पादन हुआ था। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना आयात करता है। 2020-21 में भारत ने 651.24 टन सोने का आयात किया।