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CWG 2022: दीपक पुनिया ने CWG में भारत के लिए जीता गोल्ड
 

राष्ट्रमंडल खेल 2022 के पुरुष 86 किग्रा वर्ग में भारतीय पहलवान दीपक पुनिया ने फाइनल में पाकिस्तान के इनाम को 3-0 से हराया। पाक पहलवान शुरू से ही डिफेंस मोड में नजर आए। दीपक ने भी अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए गोल्ड मेडल जीता है। राष्ट्रमंडल खेलों में दीपक का यह पहला पदक है। उन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता है।

खेल में दीपक पुनिया का प्रदर्शन कुछ इस तरह रहा:-

राउंड 16 (जीत): 86 किग्रा वर्ग में, भारतीय पहलवान ने राउंड 16 में न्यूजीलैंड के मैथ्यू ऑक्सेनहैम से मुकाबला किया, जिसमें उन्होंने 10-0 से जीत हासिल की। दीपक के अनुभव से आगे कीवी पहलवान फीकी पड़ती दिखाई दी।

क्वार्टरफाइनल (जीत): दीपक का सिएरा लियोन के शेकू कासेगबामा के खिलाफ मैच भी एकतरफा रहा। शेकू भी दीपक के सामने टिक नहीं पाया और राउंड में 10-0 से जीत हासिल की।
 
सेमी-फाइनल (जीत): इंग्लैंड के एलेक्स मरे सेमीफाइनल मैच में दीपक को कड़ी टक्कर देते नजर आए। दीपक ने अनुभव का फायदा उठाते हुए इस मैच में भी 3-2 से जीत हासिल की। इस बीच दीपक की रक्षात्मक तकनीक की काफी तारीफ हुई।

गोल्ड मेडल मैच (जीत): दीपक पुनिया का गोल्ड के लिए मुकाबला पाकिस्तान के इनाम से था। पाक पहलवान शुरू से ही रक्षात्मक अंदाज में नजर आया, जिसका दीपक ने फायदा उठाया और दो अंक अर्जित किए।

दीपक पुनिया की उपलब्धियां

राष्ट्रमंडल खेल
स्वर्ण पदक - बर्मिंघम 2022, 86 किग्रा।

विश्व प्रतियोगिता

रजत पदक - नूर-सुल्तान 2019, 86 किग्रा

विश्व जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप

रजत पदक - त्रिनवा 2018, 86 किग्रा
स्वर्ण पदक - तेलिन 2019, 86 किग्रा

एशियाई चैम्पियनशिप

रजत पदक - उलानबटार 2022, 86 किग्रा
रजत पदक - अलमाटी 2021, 86 किग्रा
कांस्य पदक - शीआन 2019, 86 किग्रा
कांस्य पदक - नई दिल्ली 2020, 86 किग्रा

यासर डोगू टूर्नामेंट

कांस्य पदक - इस्तांबुल 2022, 92 किग्रा

विश्व कैडेट चैम्पियनशिप

स्वर्ण पदक - त्बिलिसी 2016, 85 किग्रा

एशियाई जूनियर चैंपियनशिप

स्वर्ण पदक - नई दिल्ली 2018, 86 किग्रा

हरियाणा के झज्जर जिले में जन्मे नायब सूबेदार दीपक पुनिया एक भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान हैं। भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड अधिकारी 2019 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर सुर्खियों में आए। वह 2020 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भी खेले लेकिन एक पदक से चूक गए। चोटों से दीपक का करियर प्रभावित हुआ है। पोलैंड ओपन में हाथ की चोट के बाद, उन्होंने टोक्यो ओलंपिक से पहले कई मैच नहीं खेले। इसी तरह वह चोट के कारण कुश्ती विश्व चैंपियनशिप का फाइनल भी नहीं जीत सके। उसे चांदी से खुश होना था।